क्या बताए हम ज़िंदगी किस तरह से काटते है, अकेलेपन में उनके खातों को रोज़ ढूंढते है, मै उनसे जितनी दफा मिलती हूं पहली दफा मिलती हूं, इसलिए उससे छुटे वक़्त मेरे हाथ हर रोज़ काप्ते है, और कुछ सबूत मिला है मुझे अपनी मोहोबत का, के जब उनकी गली से गुजरती हूं तो वोह खिड़की से झांकता है ।