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jai chitraguptdeva mangalkari bhagwan


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कर्म की लय पे झूमे ये संसार,

नाचे रे भक्त, खुले मोक्ष के द्वार।

सत्य-धर्म के तुम आधार,

जय हो चित्रगुप्त मंगलकारी भगवान! 



कलम दवात हाथों में प्रभु,

कह ब्रह्मलीन मुस्कान,

ब्रह्मपुत्र की महिमा गाएँ,

सारा ब्रह्मांड बोले जय!

श्री चित्रगुप्त देवा जय,

जय मंगलकारी भगवान!

कलम दवात हाथों में प्रभु,

कह ब्रह्मलीन मुस्कान,

ब्रह्मपुत्र की महिमा गाएँ,

सारा ब्रह्मांड बोले जय!

श्री चित्रगुप्त देवा जय,

जय मंगलकारी भगवान!


ब्रह्म ji ki kaya से अवतरित प्रभु,

धर्म लेखा के तुम आधार,

सांस-सांस में बसती लेखनी,

जिससे बदले जीवन सार।

ऋचाओं में गूँजे नाम तुम्हारा,

पुराणों ने गाया मान,

कायस्थ कुल के आदि देव तुम,

न्याय के साक्षात प्रमाण।

राजा-रंक सब एक नज़र में,

तेरा निर्णय महान,

कृपा दृष्टि जब पड़ जाए,

मिट जाए हर अज्ञान।


कर्म की लय पे झूमे ये संसार…

जय हो चित्रगुप्त मंगलकारी भगवान!


श्यामल काया, कमल से नयन,

मुख पे करुणा की धार,

भक्त पुकारे नाम तुम्हारा,

कट जाए यम का जाल।

ज्ञान दीप जब मन में जले,

भागे मोह-अभिमान,

पुण्य पथ पे जो चल पड़े,

पाए मोक्ष सम्मान।

ढोल बजे, मृदंग गूँजे,

ताल पे झूमे जान,

चित्रगुप्त महाराज की जय बोले,

धरती, नभ, आसमान! 


जय जय जय! मंगलकारी भगवान! 


ॐ जय चित्रगुप्त महाराज,

कर्म विधान के ज्ञाता,

भव सागर से पार उतारो,

हे दया के दाता।

भक्ति-नृत्य में लीन ये मन,

सुमिरन में हर श्वास,

कृपा बनाए रखना प्रभु,

रहे चरणों का विश्वास।

 

Vikkindiaevents keh sang dhumeh gatah jayeh yeh vishwa bhakth Mahan ×2

  Her din jai chitragupt deva pukareh unhsab ka hotah nischit kalyan × 2


ॐ शांति… शांति… शांति…×2

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vikkindiaeventsBy kuldip kumar