जॉर्ज सोरोस और एक बिलियन डॉलर - पार्ट 2
जॉर्ज सोरोस हंगरी में जन्मे अमेरिका में रहने वाला एक इन्वेस्टमेंट और फाइनेंस कंपनी कालिक है और दुनियाभर में डोनेशन के रूप में फंड देकर ओपन डिस्कशन की बात करता है लेकिन ये पैसे भारत में नकस्लियों और जिहादियों के हाथो भारत में आता है और भारतीय के जान माल का नुक़सान करता है
सोरोस का दान देने का सिद्धांत उसके स्वयं के ऊपर हिटलर द्वारा किए गए प्रताड़ना को सहने कें बाद जो अनुभव बना है उसी पर आधारित है
जो हर समाज ओर संस्कृति में फिट नहीं बैठता है
उसका अपना अनुभव उसे नक्सल , जिहाद और सामान्य समाज में भेद करने से रोकता है
यही सोरोस की कमजोरी है
भारतीय समाज को सोरोस जैसे वित्तीय दानव से बचने की आवश्यकता है