1930 के दशक को याद करते हुए हमारे दिमाग में महात्मा गांधी के आंदोलनों का पूरा इतिहास दौड़ने लगता है। जो दर्ज कर लिया जाए, मुख्यधारा में स्थापित हो जाए वही आनेवाली पीढ़ियों के लिए इतिहास होता है। लेकिन ‘स्थापित इतिहास’ के आसपास भी बहुत कुछ साथ-साथ घट रहा होता है जिसे जानना उतना ही ज़रूरी है जितना कि स्थापित इतिहास को। इसी 1930 में एक सत्याग्रह बाबा साहब भीमराव आबेंडकर ने शुरू किया था। यह सत्याग्रह नासिक के कालाराम मंदिर में दलितों (उस दौर में अछूत का संबोधन इस्तेमाल में था) के प्रवेश को लेकर था। --- Send in a voice message: https://anchor.fm/dr-rakshit-bagde/message