
Sign up to save your podcasts
Or


कई बार जब लोग अपनी समस्याए हमें बताते है तब शायद वह सिर्फ हमें बताकर उनका मन हल्का करना चाहते है। ऐसे में हमें बिना पूछे कोई सुझाव नहीं देने चाहिए। कई बार हमारा उनकी बातोंको प्यार से सुनना ही उनके लिए काफी होता है। हमारे उपदेशोंकी झड़ी उनके लिए उस वक्त शायद किसी काम की नहीं। क्या हम लोगों की बाते संवेदना के साथ सुनना शुरू कर सकते है ?
By Anshuman Khurjekarकई बार जब लोग अपनी समस्याए हमें बताते है तब शायद वह सिर्फ हमें बताकर उनका मन हल्का करना चाहते है। ऐसे में हमें बिना पूछे कोई सुझाव नहीं देने चाहिए। कई बार हमारा उनकी बातोंको प्यार से सुनना ही उनके लिए काफी होता है। हमारे उपदेशोंकी झड़ी उनके लिए उस वक्त शायद किसी काम की नहीं। क्या हम लोगों की बाते संवेदना के साथ सुनना शुरू कर सकते है ?