यह कविता समर्पित है मेरे पिछले आंगन के पेड़ को, इस धरा को , हर पौधे को , हर उस कण को जो मानवता को न सिर्फ़ फ़ल फ़ूल देता है अपितु जीने की वजह भी ...सीखने के मौके भी ... जो सिर्फ देने के लिए बने हैं, और हम मनुष्य निरुत्तर हैं ... इस ...उदारता पर 🌈
यह कविता समर्पित है मेरे पिछले आंगन के पेड़ को, इस धरा को , हर पौधे को , हर उस कण को जो मानवता को न सिर्फ़ फ़ल फ़ूल देता है अपितु जीने की वजह भी ...सीखने के मौके भी ... जो सिर्फ देने के लिए बने हैं, और हम मनुष्य निरुत्तर हैं ... इस ...उदारता पर 🌈