कुदरत का करिशमा...
नमस्कार मेरा नाम करिशमा पाठक है, मैं दिल्ली शहर की रहने वाली हूँ.. पर मेरा हृदय पहाड़ों में उत्तराखंड की वादियों में बसा हुआ है... मुझे पहाड़ों से अथाह मोहब्बत है इसलिए मुझे प्रकृति प्रेम पर कविताएँ लिखना बेहद खुशी देता है... साथ ही जीवन के प्रकाश से लेकर अंधकारमय पहलुओं को कलमबद्ध करना मुझे सुकून देता है... नदी के वेग सा बेबाक कविताएं लिखते जाना मेरा शौक है...ज़ुबाँ से चुप-चाप रहकर कविता रूप हो गूँज उठना एक अलग सा जज़्बा देता है।