क्या सुशील कुमार के उदाहरण से यह समझा जा सकता कि सफलता की अपनी भी अपनी एक किमत है।
आज हजारो भारतीय युवा पहलवालो की प्रेरणा ताक पर लगी हुई है। इन भारतीय युवा पहलवानो कि प्रेरणा स्रोत के रूप में हमेशा इनकी आँखो में बने रहने वाले सुशील कुमार पहलवान, आज दिल्ली पुलिस की रिमांड कस्टडी में है।
पर आखिर कौन है ।
दिल्ली के नजफगढ़ इलाके एक गाँव बापरोला में १९८२ में जन्मे सुशील के पिता का नाम दीवानसिंह और माता का कमला है। सुशील तीन भाईयों के परिवार में सबसे बड़े हैं। वह बचपन से कुश्ती के दीवाने थे और शुरू से ही उनका लक्ष्य ओलिम्पिक में पदक जीतना था। उन्होंने बपरोला स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा की फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि हासिल की लेकिन वह बचपन से ही महाबली सतपाल से जुड़ गए थे, जिन्होंने उनके कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे भारतीय रेल में कार्यरत हैं।