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नज़ारे कैमेरे के लेंस बिना भी देखे जा सकते है ये क्या हम भूल गए है ? हर वक्त यह कैमेरे की लेंस हम पर इतनी हावी होती है के नार्मल ज़िन्दगी के अनुभव हम ले ही नहीं पाते। पर हमें इस बात पे ध्यान देना होगा के हमारे अनुभव परिपूर्ण हो। जिस जगह है उस जगह मन से भी रहना, और वह लम्हा जीना उसी में ही ज़िन्दगी की ख़ुशी भरी है। है न ?
By Anshuman Khurjekarनज़ारे कैमेरे के लेंस बिना भी देखे जा सकते है ये क्या हम भूल गए है ? हर वक्त यह कैमेरे की लेंस हम पर इतनी हावी होती है के नार्मल ज़िन्दगी के अनुभव हम ले ही नहीं पाते। पर हमें इस बात पे ध्यान देना होगा के हमारे अनुभव परिपूर्ण हो। जिस जगह है उस जगह मन से भी रहना, और वह लम्हा जीना उसी में ही ज़िन्दगी की ख़ुशी भरी है। है न ?