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तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है । यह शब्द का अर्थ है, पुत्र की स्थिति में रखना है । लेपालकपन की एक ही शर्त है, और वह है, मसीह में बने रहना और उसके साथ एकता। पुनर्जीवन, दोषमुक्ति और लेपालकपन में भेद स्पष्ट किया गया है। लेपालकपन की शर्त बता दिया है। लेपालक हो जाने का चिन्ह बताया है। लेपालकपन की सात आशीषें इस पॉडकास्ट में बताया है।
मेरा वेबसाइट पर आप के लिए और सामग्री तैयार किया गया है।
इस सेवकाई की समर्थन कीजिए - दान भेजने को 9172324377@upi के द्वारा भेज दीजिए। प्रार्थना कीजिए। और दूसरों को पॉडकास्ट के बारे में बताओ।
By Jeffrey Dsouzaतू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है । यह शब्द का अर्थ है, पुत्र की स्थिति में रखना है । लेपालकपन की एक ही शर्त है, और वह है, मसीह में बने रहना और उसके साथ एकता। पुनर्जीवन, दोषमुक्ति और लेपालकपन में भेद स्पष्ट किया गया है। लेपालकपन की शर्त बता दिया है। लेपालक हो जाने का चिन्ह बताया है। लेपालकपन की सात आशीषें इस पॉडकास्ट में बताया है।
मेरा वेबसाइट पर आप के लिए और सामग्री तैयार किया गया है।
इस सेवकाई की समर्थन कीजिए - दान भेजने को 9172324377@upi के द्वारा भेज दीजिए। प्रार्थना कीजिए। और दूसरों को पॉडकास्ट के बारे में बताओ।