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"क़िस्मत में लिखा जो नाम था,
लकीरों में वो मिला नहीं,
साथ हसने हसाने वाला,
कभी नज़रों से ओझल हुआ नहीं,
लोग कहते हैं सच्चे दोस्तों की परख हमेशा मुसीबत में ही होती है,
मगर मेरी किस्मत का सिक्का अभी मुसीबत में पड़ा नहीं,
मैं निभा सकू ऐसी दोस्ती की है मैंने मित्रा,
जो ना निभा सकूं ऐसी दोस्ती मैं करती नहीं"
By Sukriti Rai"क़िस्मत में लिखा जो नाम था,
लकीरों में वो मिला नहीं,
साथ हसने हसाने वाला,
कभी नज़रों से ओझल हुआ नहीं,
लोग कहते हैं सच्चे दोस्तों की परख हमेशा मुसीबत में ही होती है,
मगर मेरी किस्मत का सिक्का अभी मुसीबत में पड़ा नहीं,
मैं निभा सकू ऐसी दोस्ती की है मैंने मित्रा,
जो ना निभा सकूं ऐसी दोस्ती मैं करती नहीं"