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Lost Artists series | Kahan Gaye Wo Log
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम : गीत याद है पर गायक नहीं।
श्याम तेरी बंसी, जब भी इस गीत को सुनो तो मन बरबस ही पहुंच जाता है यमुना तीरे, कहां नटखट कृष्ण गोपियों संग रास रचा रहे हैं और उन्हें दूर से खड़ी निहार रही है एक मीरा।इस गीत में आरती मुखर्जी की आवाज में एक अलौकिकता के साथ एक शिकायत, उलाहना और जलन का भी भाव आता है तो वहीं जब जसपाल की शीतल पवन सी आवाज आती है तो जैसे सारी जलन सारी तड़प पल में तिरोहित हो जाती है।
दरअसल जब दादू (रविन्द्र जैन) को बड़े गायक गायिकाओं की डेट्स नहीं मिलती थी, तो उन्होंने नए उभरते हुए गायकों के साथ एक छोटी सी दुनिया बसा ली, इस दुनिया में शास्त्रीय रागों की मिठास भी थी, शब्दों की काव्यात्मकता और देसी मिट्टी की महक भी। यहां जसपाल, हेमलता, आरती मुखर्जी के साथ साथ येसुदास भी थे।
इस दुनिया की संगीतमई धरोहर को रचने में ताराचंद बड़जात्या का भी अहम योगदान रहा, इनकी फिल्में देश के गांव दराजों की कहानियां कहती थी, जहां नायक होते थे सचिन। सचिन पर जसपाल की आवाज़ ऐसे ही थी जैसे राजकपूर पर मुकेश की। बचपन में इन फिल्मों को देखते हुए लगता था जैसे सचिन खुद इन गीतों को गा रहे हों।
दादू अब इस दुनिया में नहीं रहे, जसपाल और हेमलता दोनों ही कहीं गुमनाम सी जिंदगी जी रहे होंगे, क्यों इन्हें कोई रियलिटी शो तक में याद नहीं करता ?
कॉमेंट में इन दोनों के गाए गीतों की प्लेलिस्ट डाल रहा हूं, मुझे पूरा यकीन है कि इनमें के कई सारे आपके भी फेवरेट होंगें, लिख कर बताएं कि जसपाल के गीतों में आपका सबसे ज्यादा पसंदीदा कौन सा है ?
#JaspalSingh #hemlata #ravindrajain #SachinPilgaonkar #tarachandbadjatya #Rajshri #SoorajBarjatya #aartimukherjee
https://www.instagram.com/reel/C32eWUGP7Hb/?igsh=NjlqazVjNjJ6MXBt
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By Film Ki Baat 2.0Lost Artists series | Kahan Gaye Wo Log
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम : गीत याद है पर गायक नहीं।
श्याम तेरी बंसी, जब भी इस गीत को सुनो तो मन बरबस ही पहुंच जाता है यमुना तीरे, कहां नटखट कृष्ण गोपियों संग रास रचा रहे हैं और उन्हें दूर से खड़ी निहार रही है एक मीरा।इस गीत में आरती मुखर्जी की आवाज में एक अलौकिकता के साथ एक शिकायत, उलाहना और जलन का भी भाव आता है तो वहीं जब जसपाल की शीतल पवन सी आवाज आती है तो जैसे सारी जलन सारी तड़प पल में तिरोहित हो जाती है।
दरअसल जब दादू (रविन्द्र जैन) को बड़े गायक गायिकाओं की डेट्स नहीं मिलती थी, तो उन्होंने नए उभरते हुए गायकों के साथ एक छोटी सी दुनिया बसा ली, इस दुनिया में शास्त्रीय रागों की मिठास भी थी, शब्दों की काव्यात्मकता और देसी मिट्टी की महक भी। यहां जसपाल, हेमलता, आरती मुखर्जी के साथ साथ येसुदास भी थे।
इस दुनिया की संगीतमई धरोहर को रचने में ताराचंद बड़जात्या का भी अहम योगदान रहा, इनकी फिल्में देश के गांव दराजों की कहानियां कहती थी, जहां नायक होते थे सचिन। सचिन पर जसपाल की आवाज़ ऐसे ही थी जैसे राजकपूर पर मुकेश की। बचपन में इन फिल्मों को देखते हुए लगता था जैसे सचिन खुद इन गीतों को गा रहे हों।
दादू अब इस दुनिया में नहीं रहे, जसपाल और हेमलता दोनों ही कहीं गुमनाम सी जिंदगी जी रहे होंगे, क्यों इन्हें कोई रियलिटी शो तक में याद नहीं करता ?
कॉमेंट में इन दोनों के गाए गीतों की प्लेलिस्ट डाल रहा हूं, मुझे पूरा यकीन है कि इनमें के कई सारे आपके भी फेवरेट होंगें, लिख कर बताएं कि जसपाल के गीतों में आपका सबसे ज्यादा पसंदीदा कौन सा है ?
#JaspalSingh #hemlata #ravindrajain #SachinPilgaonkar #tarachandbadjatya #Rajshri #SoorajBarjatya #aartimukherjee
https://www.instagram.com/reel/C32eWUGP7Hb/?igsh=NjlqazVjNjJ6MXBt
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