कर्तव्य-अकर्तव्य, चेतना, मनुष्यता, जीवन के भ्रम, परिस्थितियों के साथ भ्रामक विकास के ताने बाने में विचरण करता मानव की मानसिक स्वतंत्रता व दासता के साथ मानवता की यात्रा
कर्तव्य-अकर्तव्य, चेतना, मनुष्यता, जीवन के भ्रम, परिस्थितियों के साथ भ्रामक विकास के ताने बाने में विचरण करता मानव की मानसिक स्वतंत्रता व दासता के साथ मानवता की यात्रा