यह कविता गरीब की कहानी बताती है , उसके छोटे छोटे सपनो की उड़ान को दर्शाती है । इतनी परेशानियो के बाद भी एक तसल्ली की उम्मीद दिखती है , वो गरीब ही है साहब जो इतना सब होने के बाद भी फुर्सत के दो पल चुरा लेता है ।
यह कविता गरीब की कहानी बताती है , उसके छोटे छोटे सपनो की उड़ान को दर्शाती है । इतनी परेशानियो के बाद भी एक तसल्ली की उम्मीद दिखती है , वो गरीब ही है साहब जो इतना सब होने के बाद भी फुर्सत के दो पल चुरा लेता है ।