चांद और तारों के रिश्ते का पैमाना बहुत पुराना है..
तहाम रोज़ आयी नई चांदनी और तारों की छाओं का भी अपना अलग अफसाना है..
अ़फसानो का बन जाना और तेरा मेरा मिल जाना है ....
जैसे अमवस्या की रैना को दीवाली सा जगमगाना है...
जगमगाते रिश्तों की रोशनी में तेरा होना मेरे इश्क का काबिल हो जाना है....
तेरे करीब होने से मेरा और मेरी का ज़िन्दगी का गुलज़ार बन जाना है .....
अगर मिले मुझे तू जन्नत में जैसे मेरी मन्नत का मुकमल हो जाना है.....
तेरे करीब होने से मेरा और मेरी का ज़िन्दगी का गुलज़ार बन जाना है .....