एक स्त्री के लिए भारतीय समाज में घर, परिवार और समाज बहुत मायने रखता है। बांझ शब्द से अभिशप्त नारी के लिए इस समाज में कोई जगह नहीं, लेकिन यहाँ शीला तो अब सब कुछ होते हुये भी ममत्व के सुख से महरूम है, जो उसे गहरे सालता भी है। यह सुख किसी भी स्त्री की पूर्णता के लिए ज़रूरी है।