हम सबके जीवन में कभी ना कभी कोई ना कोई मंथरा रहा है जिसने हमारे रिश्ते ख़राब किये, जिसने हमारे अपनों को हमसे दूर किया। मंथरा केवल सतयुग में ही नहीं, आज कलयुग में भी जीवित है, अपितु अब उसे पहचानना भी मुश्किल है क्योंकि वो वेष बदल कर घूम रही। तो अपने रिश्तों में मंथरा को पहचाने और उनको दूर से ही टाटा bye bye कर दे!मंथरा की वजह से अपने रिश्तों को खराब न होने दे