प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की प्रसिद्ध रचना, जिसमे प्राकृतिक सौंदर्य को नारी सौंदर्य की तुलना में श्रेष्ठ बताया है। वे आजीवन अपनी आँखों में प्रकृति की नैसर्गिक सुंदरता भर लेना चाहते हैं।
प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की प्रसिद्ध रचना, जिसमे प्राकृतिक सौंदर्य को नारी सौंदर्य की तुलना में श्रेष्ठ बताया है। वे आजीवन अपनी आँखों में प्रकृति की नैसर्गिक सुंदरता भर लेना चाहते हैं।