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Happy Mother's day to everyone
मैंने जब सुना भी नहीं था , जाना भी नहीं था कि खुदा कौन है ,उससे भी पहले मैंने माँ को देख लिया था
जब पहली बार मुझे महसूस हुआ था कि दर्द क्या है ,उससे भी पहले माँ ने आँचल से अपने वो पहला आंसू भी पोंछ दिया था
कहने को मैं जो भी कह दूँ सुनने को जो भी सुन लूँ, पर सच में सुकून आज भी सिर्फ तेरी ही डाँट, और तेरी ही फ़िक्र से मिलता है
माँ सच बताऊँ दूर जितना भी चली जाऊं पर दूर होकर भी मेरा दिन तेरे ही जिक्र से बनता है
मैं हूबहू बनने की कोशिश करती हूँ जैसा तुझे पसंद है, पर तू है की मेरे हर रूप से प्यार करती है
मैं टूट जाती है तो हिम्मत बन जाती है, मैं जब हार के गिर जाती हूँ तो तू मुझे फिर से खड़ा होना सिखाती है
जब करती हूँ गलतियां तो डाँट भी लगाती है, पर कभी मैं भूखे पेट घर आऊं तो अपने हाथों से खिलाती है
सच में माँ तू हमेशा ही मुझे सही रास्ता दिखाती है, मैंने जाना है ईश्वर क्या है अब समझाया है ग्रंथो में लिखा है पर देखा तो नहीं ,
मेरे लिए तो ज़मीन पर तू ही खुदा बन जाती है , माँ तू ही है जो मेरी दुनिया को जन्नत बनाती है
By Ayushi JainHappy Mother's day to everyone
मैंने जब सुना भी नहीं था , जाना भी नहीं था कि खुदा कौन है ,उससे भी पहले मैंने माँ को देख लिया था
जब पहली बार मुझे महसूस हुआ था कि दर्द क्या है ,उससे भी पहले माँ ने आँचल से अपने वो पहला आंसू भी पोंछ दिया था
कहने को मैं जो भी कह दूँ सुनने को जो भी सुन लूँ, पर सच में सुकून आज भी सिर्फ तेरी ही डाँट, और तेरी ही फ़िक्र से मिलता है
माँ सच बताऊँ दूर जितना भी चली जाऊं पर दूर होकर भी मेरा दिन तेरे ही जिक्र से बनता है
मैं हूबहू बनने की कोशिश करती हूँ जैसा तुझे पसंद है, पर तू है की मेरे हर रूप से प्यार करती है
मैं टूट जाती है तो हिम्मत बन जाती है, मैं जब हार के गिर जाती हूँ तो तू मुझे फिर से खड़ा होना सिखाती है
जब करती हूँ गलतियां तो डाँट भी लगाती है, पर कभी मैं भूखे पेट घर आऊं तो अपने हाथों से खिलाती है
सच में माँ तू हमेशा ही मुझे सही रास्ता दिखाती है, मैंने जाना है ईश्वर क्या है अब समझाया है ग्रंथो में लिखा है पर देखा तो नहीं ,
मेरे लिए तो ज़मीन पर तू ही खुदा बन जाती है , माँ तू ही है जो मेरी दुनिया को जन्नत बनाती है