आइए जानते हैं कि जया किशोरी जी ने किस प्रकार जीवन ओर मृत्यु के बारे में अपने विचार व्यक्त किए हैं अपने कर्म और आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि से ही जीवन को बेहतर बनाया जा सकता हैं और बार -बार मिलने वाले जीवन -मरण के चक्र से मुक्ति मिल सकती हैं और अपने कर्मों से स्वर्ग व नर्क प्राप्त किया जा सकता हैं जया किशोरी जी।