Preetibala

Munshi Premchand ki Kahani Mata Ka Hirday


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२२ साल पहले अपने पति को खो चुकी माधवी ने अपने एकलौते बेटे को बड़ी मुश्किल से पाला था, माधवी के पति की 22 साल पहले मौत हो गई थी। उसके पास कोई धन दौलत नहीं थी और संपत्ति के नाम पर सिर्फ एक बेटा था, जो इस वक्त जेल में बंद था। अपने उस घर में वो अकेली पड़ गई थी और उसके आंसू तक पोंछने वाला कोई नहीं था।

लेखक : प्रेमचंद

कहानी : माता का हृदय

स्वर : प्रीतीबाला


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PreetibalaBy Preeti Bala Kumar