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हमारी समस्याएं ठीक इस पानी के गिलास की तरह होती हैं, वो जिस स्वरूप में आती हैं हमेशा उसी स्वरूप में रहती हैं, लेकिन हम जितने ज़्यादा समय तक उनका बोझ अपने सर पर उठाए रहते हैं, उनसे होने वाली तक़लीफें उतनी ही बढ़ती जाती हैं। समस्याओं से मुक्ति का सबसे आसान उपाय है, उन्हें पहचानना और यथाशीघ्र उनके बोझ से ख़ुद को मुक्त कर देना।
हममें से शायद ही कोई ऐसा हो जिसके जीवन में कोई भी समस्या न हो। लेकिन कुछ लोग जीवन भर समस्याओं का रोना रोते रहते हैं, शिकायतें करते रहते हैं और कष्टपूर्ण जीवन जीने को शापित रहते हैं। वहीं पुरुषार्थी, समस्याओं का रोना नहीं रोते बल्कि ज़ल्दी से ज़ल्दी उनका समाधान खोज़ लेते हैं, उन्हें अपने जीवन निकाल फेकते हैं और आगे बढ़ जाते हैं।
By Manoj Shrivastavaहमारी समस्याएं ठीक इस पानी के गिलास की तरह होती हैं, वो जिस स्वरूप में आती हैं हमेशा उसी स्वरूप में रहती हैं, लेकिन हम जितने ज़्यादा समय तक उनका बोझ अपने सर पर उठाए रहते हैं, उनसे होने वाली तक़लीफें उतनी ही बढ़ती जाती हैं। समस्याओं से मुक्ति का सबसे आसान उपाय है, उन्हें पहचानना और यथाशीघ्र उनके बोझ से ख़ुद को मुक्त कर देना।
हममें से शायद ही कोई ऐसा हो जिसके जीवन में कोई भी समस्या न हो। लेकिन कुछ लोग जीवन भर समस्याओं का रोना रोते रहते हैं, शिकायतें करते रहते हैं और कष्टपूर्ण जीवन जीने को शापित रहते हैं। वहीं पुरुषार्थी, समस्याओं का रोना नहीं रोते बल्कि ज़ल्दी से ज़ल्दी उनका समाधान खोज़ लेते हैं, उन्हें अपने जीवन निकाल फेकते हैं और आगे बढ़ जाते हैं।