रिश्ते पहचान को निखार सकते है,उसका संबल बन सकते है,लेकिन पहचान मे नाम की भूमिका अहम है।बिट्टू की मम्मी के हिस्से मे सारे संबोधन रिश्तो वाले थे।उनका नाम किसी को पता ही कहाँ था,जो पहचान बनती?
रिश्ते पहचान को निखार सकते है,उसका संबल बन सकते है,लेकिन पहचान मे नाम की भूमिका अहम है।बिट्टू की मम्मी के हिस्से मे सारे संबोधन रिश्तो वाले थे।उनका नाम किसी को पता ही कहाँ था,जो पहचान बनती?