हमारे यहाँ कभी डिबेट को ठीक से न समझ गया, न इज़्ज़त दी गई. हम ने अगर किया भी तो शास्त्रार्थ किया जो कि डिबेट बिल्कुल नहीं हैं. क्या फर्क है औऱ इस फर्क को समझने से क्या फायदा है, गौर से सुनिए, पूरा सुनिए
हमारे यहाँ कभी डिबेट को ठीक से न समझ गया, न इज़्ज़त दी गई. हम ने अगर किया भी तो शास्त्रार्थ किया जो कि डिबेट बिल्कुल नहीं हैं. क्या फर्क है औऱ इस फर्क को समझने से क्या फायदा है, गौर से सुनिए, पूरा सुनिए