उन दिनों जब लोग राजनीति में उसूलों की खोजबीन करके ढूँढ नहीं पा रहे हैं , ऐसे संक्रमण काल में अभी भी कुछ प्रोफ़ेशन ऐसे बचे हुए हैं जिनमें अभी भी उसूल बचे हुए हैं , ऐसा ही एक प्रोफ़ेशन पाकेटमारी है . सुनिए मुंबई के पाकेटमारों की गाथा
उन दिनों जब लोग राजनीति में उसूलों की खोजबीन करके ढूँढ नहीं पा रहे हैं , ऐसे संक्रमण काल में अभी भी कुछ प्रोफ़ेशन ऐसे बचे हुए हैं जिनमें अभी भी उसूल बचे हुए हैं , ऐसा ही एक प्रोफ़ेशन पाकेटमारी है . सुनिए मुंबई के पाकेटमारों की गाथा