Shayari Wala Motivator

पिता की कविता


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जेनेरेशन Z & Father's Day
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यार पापा !
तुम्हें पता भी है क्या
आज पापा ओं का दिन है
आज मत कहना हरी सब्जियां खाने को
आज पिज्जा ओं का दिन है
यार पापा
जब ले जाते हो शॉपिंग कराने
मुझे मम्मा और सिस को
तुम्हारी जेब मना करती है कि ना जाए
महीने की आखिरी तारीख को
मगर फिर भी अपना जादू वाला कार्ड
निकालते हो
सबका दिल भर देते हो
बाद का तुम जानो,
उस समय तो पिन डालकर बिल भर देते हो
यार पापा
हमारे कपड़े खरीदते वक्त
डिजाइन और कलर फैशन तो ठीक देखते हो
मगर अपनी कमीज़ खरीदते हुए
सबसे पहले क्यों प्राइस टैग देखते हो
यार पापा
तुम्हारी उम्र ही क्या है
शाहरुख से भी कम उम्र के हो
थोड़ा बदलो अपनी उम्र वाला नजरिया
पहनो ब्रांडेड जूते ब्रांडेड घड़ियां
मम्मा गिफ्ट भी कर दे
तो खुश होने की बजाय
कह देते हो
क्या जरूरत थी इसकी
तुम ही खरीद लेती पैसे से अपनी साड़ियां
मम्मा का फिल्मी स्टाइल वाला इमोशन
हवा हो जाता है
और उम्मीद की जाती है कि
अब बादल बरसेंगे
मम्मा गुस्से में आपको
आपकी पुरानी घड़ी पकड़ा कर कहती है
आप कभी नहीं बदलेंगे
यार पापा
जिद करके तुम्हारा एक इंस्टा अकाउंट
बना दिया था मैंने
साल होने को आया
बस दो वीडियो अपलोड किए
मेरे और छोटी के बर्थडे का
हंसी आती है
तुम्हारा सोशल नेटवर्क सर्कल देखकर
तुम्हारा एकमात्र फॉलोवर मैं हूं
और इतने में ही तुम खुश भी हो...
मम्मा को कहूंगा वह भी तुम्हें फॉलो करें इंस्टा पे
यार पापा
वेब सीरीज से कोई वास्ता नहीं
फुर्सत में किताबें पढ़ते रहते हो
जब मैं कहीं मैथ में अटकता हूं
तुम टीचर से बढ़िया प्रॉब्लम सॉल्व कर देते हो
यार पापा
टैलेंट तो तुम में है
बस दिखाने से बचते हो
जैसे मैं डिप्रैस्ड हो जाता हूं
तुम भी कभी डिप्रैस्ड होते होंगे
बस बताने से बचते हो
यार पापा
हम में से किसी को पता नहीं होता
थककर ऑफिस से आए हो
मूड कैसा लाए हो
हमारी दिनभर की सुनते हो
अपनी कुछ नहीं कहते हो
चुप्पियों का मास्क ऐसे लगाते हो
फैसियल एक्सप्रेशन ऐसा बनाते हो
कि कोई कुछ शोध ना कर पाए
फिलिंग्स डिकोड ना कर पाए
यार पापा
हमें हंसाने के लिए हंसते हो
बस इतना ही हंसते हो
तुम्हारे यहां दोस्त भी कितने हैं
वही केवल दो अंकल
जो आपकी तरह ही दिखते हैं
बोलते हैं चलते हैं
यार पापा
क्या जेनेरेशन जेड वालों के
सब पापा है ऐसे ही होते हैं
यार पापा
आज पापाओं का दिन है
आप अपने पापा को भी फोन लगाओ
जब मैं कहता हूं तो मुस्कुराते हैं
कि मेरे पापा इस दिवस से वाकिफ नहीं
अगर विश भी करूं तो समझेंगे
मेरा श्रवण कुमार भी क्या
अंग्रेजी चोंचलो में में पड़ गया
यार पापा
क्या खूब कहते हैं आप
कि फादर्स डे तुम्हारी पीढ़ी की खोज है
हमारी पीढ़ी का फादर्स डे तो रोज है
यार पापा
फिर वही पुरानी बातें
खाली- पीली शुरू मत करो
चलो भूख लगी है
कुछ ऑनलाइन ऑर्डर करो
रचनाकार@ गौतम कुमार सागर
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Shayari Wala MotivatorBy Gautam Sagar