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गौरव गुप्ता की यह कविता 'प्रेम लौटता है' प्रेम की पुनरावृत्ति और उसकी सूक्ष्म उपस्थिति का एक बेहद सुंदर चित्रण है। यह कविता बताती है कि प्रेम कोई औपचारिक दस्तक देकर नहीं आता, बल्कि यादों, खुशबू और छोटी-छोटी रोजमर्रा की चीजों के जरिए चुपचाप हमारे जीवन में दोबारा दाखिल हो जाता है। यह एक गहरी और भावपूर्ण रचना है।
By Rakesh Kumarगौरव गुप्ता की यह कविता 'प्रेम लौटता है' प्रेम की पुनरावृत्ति और उसकी सूक्ष्म उपस्थिति का एक बेहद सुंदर चित्रण है। यह कविता बताती है कि प्रेम कोई औपचारिक दस्तक देकर नहीं आता, बल्कि यादों, खुशबू और छोटी-छोटी रोजमर्रा की चीजों के जरिए चुपचाप हमारे जीवन में दोबारा दाखिल हो जाता है। यह एक गहरी और भावपूर्ण रचना है।