दोस्तों इस कहानी से हमें अपने जीवन में यह सीख मिलती है कि हमें किसी की बातों में नहीं आना चाहिए और हमें अपने मन की ही करनी चाहिए इसीलिए तो कहते हैं कि सुनो सबकी करो मन की और लोगों की बातों में नहीं आ कर अपने मनका अपने चेतन का सही उपयोग करके सही निर्णय लेवे धन्यवाद धन्यवाद और धन्यवाद