Saccha Jeevan

परमेश्वर का सटीक चित्रण।


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परमेश्वर का सटीक चित्रण।
वही सब वस्तुओं में प्रथम है , सारी वस्तुएं यीशु के द्वारा बनी है । और वही शरीर का सिर है , चर्च का : जो कि शुरूवात है और मृत्यु में से जी उठा पहलौठा है ; और वह सारी वस्तुओं में शिरोमणि है । क्योंकी परमेश्वर को यह पसंद आया कि उसमें सारी परिपूर्णता निवास करे ( कुलुस्सियो १ ; १७ - १९ ) । वचनो के अनुसार , दैवियता की संपूर्णता यीशु मसीह में रहती है । परमेश्वर के विषय में हर वस्तु यीशु मसीह में रहती है । जब फिलिप्पुस यीशु मसीह के चेलें ने कहा , हमें पिता को दिखाओ , तो उसने उत्तर दिया , " जिस किसी ने मुझको देखा है उसने पिता को देखा है ” ( यूहन्ना १४ ; ८ - ९ ) । जो सबकुछ पिता है और पिता के पास है , वह सब यीशु मसीह में है । जो सबकुछ पवित्र आत्मा है और जो पवित्र आत्मा के पास है , वह यीशु मसीह में है । यीशु मसीह परमेश्वर है , उसने कहा , " मैं पिता में हूँ , और पिता मुझमें है ” ( यूहन्ना १४ ; ११ ) । तब उसने यूहन्ना १४ ; ३० में कहा , " मैं और पिता एक है । "कुछ लोग कहते है , " हीक है , यीशु परमेश्वर नहीं है ; " यह ऐसा इसलिए है कि वे अज्ञानी है । कुलुस्सियो २ ; ९कहता है , उसी में परमेश्वर की सारी संपूर्णता सदेह निवास करती है । " इसका अर्थ है कि यीश मसीह परमेश्वर का शरीर है । जब यीशु बाईबल के दिनों में गलीयों में से चला , तो यह परमेश्वर था जो यीशु मसीह में चल रहा था । कितनी अदभुत वास्तविकता । इब्रानियो १ ; ३ कहता है कि वो परमेश्वर की महीमा की चमक है और उसके व्यक्तित्व का सटीक छाप है । यीशु परमेश्वर की महिमा की बाहरी चमक है । यह परमेश्वर का प्रकाश है । क्या आपने ध्यान दिया कि इब्रानियो १ ; ३ में जो “ व्यक्ति " शब्द है , वह बहुवचन नही है , यह कहता है , “ जो उसकी महिमा का प्रकाश है , उसके व्यक्तित्व का सटीक चित्रण है " । जिसका अर्थ है कि परमेश्वर के त्रियक में यीशु मसीह ही है जो पिता के व्यक्तित्व को दिखाता है । पिता कभी भी सिंहासन नही छोडता , वो हमेशा अपने सिंहासन पर है , किंतु अपने आपको यीशु के द्वारा दिखाता है । कोई आश्चर्य नहीं है उसने कहा , " जिसने मुझे देखा है , उसने पिता को देखा है " ( यूहन्ना १४ ; ९ ) ।
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Saccha JeevanBy eternal life tv