कविश्वर का निरादर करना पड़ा बड़ा महँगा राजा गंग को! समाज में संतोंकी, कवियों की ख़ास जगह होती है, और वह उनको मिलनी ही चाहिए, वरना बड़ा अनर्थ हो सकता है!
कविश्वर का निरादर करना पड़ा बड़ा महँगा राजा गंग को! समाज में संतोंकी, कवियों की ख़ास जगह होती है, और वह उनको मिलनी ही चाहिए, वरना बड़ा अनर्थ हो सकता है!