प्रेम का मधुर राग बारिश की रिम-झिम बूंदों के साथ सदैव खिल उठता है । जिस तरह बादलों के आंगन में बारिश की रिमझिम बूंदों का मिलन उसके प्रेमी राग से तय है , क्या उसी तरह बारिश की बूंदों में रेवती का प्रेम मिलन हो पाएगा ..?
प्रेम का मधुर राग बारिश की रिम-झिम बूंदों के साथ सदैव खिल उठता है । जिस तरह बादलों के आंगन में बारिश की रिमझिम बूंदों का मिलन उसके प्रेमी राग से तय है , क्या उसी तरह बारिश की बूंदों में रेवती का प्रेम मिलन हो पाएगा ..?