काम सीखने की लगन ने अमित को जल्दी ही सबका चहेता तो बना दिया,लेकिन उसे मेहनताने की अपेक्षा थी। दो साल तक लगातार मेहुल भाई की दुकान संभालने के बाद भी उसे एक पैसे का वेतन नही मिला था। उसकी लगन कायम थी,लेकिन अब उदासी घेरने लगी थी।क्यो नही मिल रहा था वेतन।