लालच और ईर्ष्या विषैला मैल हैं जो यदि आत्मा पर चढ़ जायें तो बस अनर्थ करके छोड़ते हैं! सदा दूसरों की प्रसन्नता में ख़ूब प्रसन्न होईए, और दिल से उन्हें और तरक़्क़ी करने की ड़आएँ दीजिये, यहीं आपकी ख़ुशहाली का भी आधार बनेंगी!!
लालच और ईर्ष्या विषैला मैल हैं जो यदि आत्मा पर चढ़ जायें तो बस अनर्थ करके छोड़ते हैं! सदा दूसरों की प्रसन्नता में ख़ूब प्रसन्न होईए, और दिल से उन्हें और तरक़्क़ी करने की ड़आएँ दीजिये, यहीं आपकी ख़ुशहाली का भी आधार बनेंगी!!