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इंसान अगर एक ही गलती बार बार करने लगे तो वह गलती उसके व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाती है। इस गलती को कोई ज़िंदगीभर नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता, और कई बार ऐसी गलतियों भारी कीमत चुकानी पड सकती है। कुछ गलतियों के बार बार दोहराए जाने से तो रिश्ते भी टूट सकते है। ऐसी ही एक गलती श्वेता बार बार कर रही थी। क्या थी वो गलती ? और उस गलती का अंजाम क्या हुआ ? ये जानने के लिए सुनिए- 'सावधान ! रिश्ते टूटते भी है !'
By Anshuman Khurjekarइंसान अगर एक ही गलती बार बार करने लगे तो वह गलती उसके व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाती है। इस गलती को कोई ज़िंदगीभर नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता, और कई बार ऐसी गलतियों भारी कीमत चुकानी पड सकती है। कुछ गलतियों के बार बार दोहराए जाने से तो रिश्ते भी टूट सकते है। ऐसी ही एक गलती श्वेता बार बार कर रही थी। क्या थी वो गलती ? और उस गलती का अंजाम क्या हुआ ? ये जानने के लिए सुनिए- 'सावधान ! रिश्ते टूटते भी है !'