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शायद कभी तो मुलाक़ात होगी। आज नहीं तो फिर कभी। यहां नहीं तो कहीं और। हो सकता है हम पहचान ना पाएं एक दूसरे को। हो सकता है जिंदगी में इतना उलझ जाएँ कि जिस चेहरे को देख कर दिन कि शुरुवात होती थी वो चेहरा ही भूल जाएँ...
By Rajat Kumarशायद कभी तो मुलाक़ात होगी। आज नहीं तो फिर कभी। यहां नहीं तो कहीं और। हो सकता है हम पहचान ना पाएं एक दूसरे को। हो सकता है जिंदगी में इतना उलझ जाएँ कि जिस चेहरे को देख कर दिन कि शुरुवात होती थी वो चेहरा ही भूल जाएँ...