तीन वर्गों में जन्मा व्यक्ति संत तो बन सकता है, परंतु ब्राह्मण कदापि नहीं बन सकता। ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के लिए श्रेष्ठ करने पड़ते हैं, तभी व्यक्ति को ब्राह्मण कुल में जन्म मिलता है। संपूर्ण पृथ्वी पर ब्राह्मण से श्रेष्ठ केवल ब्राह्मण संत ही होता है।