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12 नवंबर 1998
मथुरा
श्रीमद्भागवत 10.47.63 की व्याख्या:
वन्दे नन्दव्रजस्त्रीणां पादरेणुमभीक्ष्णश: ।
यासां हरिकथोद्गीतं पुनाति भुवनत्रयम् ॥
By Pure Bhakti Archive12 नवंबर 1998
मथुरा
श्रीमद्भागवत 10.47.63 की व्याख्या:
वन्दे नन्दव्रजस्त्रीणां पादरेणुमभीक्ष्णश: ।
यासां हरिकथोद्गीतं पुनाति भुवनत्रयम् ॥