हर हर महादेव मैं हूं रोहित सिंह और इस बार आप इस एपिसोड में भागवत गीता का तीसरा अध्याय जो कर्म योग है उसके बारे में सुनने वाले हैं जिसमें आप सुनने इस बहुत ही जगत में हर व्यक्ति को किसी ना किसी प्रकार के क्रम में लगना पड़ता है । किंतु यह ही कर्म उसे इस जगत से बांधते या मुक्त करते हैं।निष्काम भाव से परमेश्वरी प्रसन्नता के लिए कर्म करने से मनुष्य कर्म के नियमों से छूट सकता है और आत्मा परमेश्वर विषयक दिव्या ज्ञान प्राप्त कर सकता है । यह एपिसोड सुनने के लिए आप सभी का धन्यवाद