श्रीराधेश्याम रामायण, श्रीराम वन गमन। केवट प्रसंग। बाल्मिकी द्वारा श्रीराम को वाशस्थान बताना, श्रीराम का चित्रकूटधाम में कुटि बनाकर रहना। स्वामी सिद्धिप्रदानन्द महाराज द्वारा पाठ किया गया है।
श्रीराधेश्याम रामायण, श्रीराम वन गमन। केवट प्रसंग। बाल्मिकी द्वारा श्रीराम को वाशस्थान बताना, श्रीराम का चित्रकूटधाम में कुटि बनाकर रहना। स्वामी सिद्धिप्रदानन्द महाराज द्वारा पाठ किया गया है।