श्रीरामचरितमानस मासपारायण सोलहवां विश्राम। केवट प्रसंग तथा भरद्वाज मुनि से भेंट और मार्ग में ग्रामिणों से मिलन और ग्रामीणों का राम सीता को देख कर अपने को धन्य समझना। स्वामी सिद्धिप्रदानन्द महाराज द्वारा पाठ किया गया है।
श्रीरामचरितमानस मासपारायण सोलहवां विश्राम। केवट प्रसंग तथा भरद्वाज मुनि से भेंट और मार्ग में ग्रामिणों से मिलन और ग्रामीणों का राम सीता को देख कर अपने को धन्य समझना। स्वामी सिद्धिप्रदानन्द महाराज द्वारा पाठ किया गया है।