इस एपिसोड में हम जानेंगे कि मनुष्य को संकट की परिस्थितियों में धैर्य रखना चाहिए। मर्म यह है कि यदि मनुष्य भी संकट की परिस्थितियों में विचलित ना होता तो आज वह भी बूंदों के समान वंशलोचन कपूर, मोती बन गया होता।
इस एपिसोड में हम जानेंगे कि मनुष्य को संकट की परिस्थितियों में धैर्य रखना चाहिए। मर्म यह है कि यदि मनुष्य भी संकट की परिस्थितियों में विचलित ना होता तो आज वह भी बूंदों के समान वंशलोचन कपूर, मोती बन गया होता।