गीताश्री देश की एक लोकप्रिय हिन्दी कथाकार हैं। आंचलिक कहानियों का हमेशा से एक सौन्दर्य रहा है। इस कहानी में रूंपा की अपनी एक छोटी सी दुनिया है, जो सजने, संवरने की चाहत में बिखरती, उजड़ती है और उसे ज़िन्दगी के एक ऐसे मकाम पर लाकर खड़ा कर देती है जहां भाग्य की नियति स्वयं इंसान के लिए कुछ तय करती है। क्या तय किया है रुंपा के लिए चलिए सुनते हैं आज की कहानी का *दूसरा भाग*। इस *Podcast* का उद्देश्य है ज़िन्दगी के यथार्थ को बयान करती श्रेष्ठ रचनाकारों कि श्रेष्ठ कहानियों से जनसामान्य को परिचित कराना। कहानी पसंद आए तो शेयर जरूर करना, जिससे एक संवेदनशील समाज का निर्माण हो सके।