मंज़िल को पाने का सफर कभी भी आसान नहीं होता है। हमें उसके रास्ते में अनेक बाधाओं रूपी चिलचिलाती धूप का सामना करना ही पड़ता है। जो व्यक्ति इन मुश्किलों को झेलकर अपना रास्ता स्वयं बनाकर आगे बढ़ता जाए वही मंज़िल को पाता है।
मंज़िल को पाने का सफर कभी भी आसान नहीं होता है। हमें उसके रास्ते में अनेक बाधाओं रूपी चिलचिलाती धूप का सामना करना ही पड़ता है। जो व्यक्ति इन मुश्किलों को झेलकर अपना रास्ता स्वयं बनाकर आगे बढ़ता जाए वही मंज़िल को पाता है।