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जब हम पूरे मन से कोई सपना या लक्ष्य अपने लिए बनाते हैं तो ईश्वर और सारी क़ायनात उन्हें पूरा करने की साज़िश करते हैं। लेकिन ज़्यादातर हम ही राह में आने वाली मुश्किलों से घबराकर हथियार डाल देते हैं। ज़रूरत इस बात की होती है कि जब भी हम कोई सपना लें, पूरी दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ उसे पाने का प्रयास करें। लाख मुश्किलों के बाद भी उसे पूरा करके ही दम लें। क्योंकि ब्रहमाण्ड में चीज़ें पर्याप्त से भी कहीं ज़्यादा मात्रा में मौज़ूद हैं, लेकिन हर बार वह हमें उपलब्ध कराने से पहले हमारी पात्रता को परख़ता है। यदि हम दृढ़ता से लगे रहे तो सफलता तो तय है। सपनों को हक़ीक़त में बदलने की ताक़त हम सब में है।
By Manoj Shrivastavaजब हम पूरे मन से कोई सपना या लक्ष्य अपने लिए बनाते हैं तो ईश्वर और सारी क़ायनात उन्हें पूरा करने की साज़िश करते हैं। लेकिन ज़्यादातर हम ही राह में आने वाली मुश्किलों से घबराकर हथियार डाल देते हैं। ज़रूरत इस बात की होती है कि जब भी हम कोई सपना लें, पूरी दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ उसे पाने का प्रयास करें। लाख मुश्किलों के बाद भी उसे पूरा करके ही दम लें। क्योंकि ब्रहमाण्ड में चीज़ें पर्याप्त से भी कहीं ज़्यादा मात्रा में मौज़ूद हैं, लेकिन हर बार वह हमें उपलब्ध कराने से पहले हमारी पात्रता को परख़ता है। यदि हम दृढ़ता से लगे रहे तो सफलता तो तय है। सपनों को हक़ीक़त में बदलने की ताक़त हम सब में है।