देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग तेज़ी से उठ रही है. इस बीच सरकारी आकड़ों के मुताबिक़ कई राज्यों की आबादी इस दशक में स्थिर हो जाएगी. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में ये बताया गया है कि ज़्यादातर राज्यों में फर्टिलिटी रेट कम हुआ है. वहीं पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के ज्वाइंट डायरेक्टर आलोक बाजपेयी ने कहा है कि फर्टिलिटी रेट का संबंध धर्म से नहीं है. बल्कि शिक्षा, सामाजिक - आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य सुविधा से है. सुनिए सुबह दस बजे का समाचार बुलेटिन - 5 मिनट