टूटते तारों को देख हम सभ ने बहुत कुछ माँगा है। कुछ पूरा हो गया तो कुछ नहीं हुआ पर वो एक पल की ख़ुशी तो हमने हांसिल कर ही ली। सब कुछ हमे मिल जाए ये मुमकिन नहीं पर उम्मीद तो हम रख ही सकते है न। अगर आज कुछ नहीं मिला तो कल नया शुरू कर सकते है... बेशक कर सकते है । इस एपिसोड को सुनकर इस बारे में थोड़ा सोचे और उससे ज्यादा महसूस करें ।