
Sign up to save your podcasts
Or


तू रोशनी थी मेरी, थी मेरे जीने की तमन्ना
इश्क़ थी मेरा बेपरवाह, लगाया था दिल तुझसे दिल से
काश के ये तुझे मिलने से पहले समझ पाता
के रोशनी भी बारिश में भीग कर सिमट जाया करती है।
- मनोज भारती ♥️
#Shayri
By ❤️तू रोशनी थी मेरी, थी मेरे जीने की तमन्ना
इश्क़ थी मेरा बेपरवाह, लगाया था दिल तुझसे दिल से
काश के ये तुझे मिलने से पहले समझ पाता
के रोशनी भी बारिश में भीग कर सिमट जाया करती है।
- मनोज भारती ♥️
#Shayri