आनंद वह अबोध बालक है जो साथियों के साथ, मित्रों के बीच अपनी तुतलाती भाषा में अपने भाव सहज ही व्यक्त करने में संकोच नहीं करता। प्रस्तुत रचना 'उलझन' ऐसा ही एक उद्गार है।
आनंद वह अबोध बालक है जो साथियों के साथ, मित्रों के बीच अपनी तुतलाती भाषा में अपने भाव सहज ही व्यक्त करने में संकोच नहीं करता। प्रस्तुत रचना 'उलझन' ऐसा ही एक उद्गार है।