ये कविता भारतीय समाज में छोटी सोच और शिक्षित वर्ग में भी स्त्री की दयनीय स्थिति को प्रदर्शित करते हुए भाव की कविता है।लोग किस तरह लड़की को रीति रिवाज के तराजू पर तोलना चाहते है के प्रति आक्रोश है।
ये कविता भारतीय समाज में छोटी सोच और शिक्षित वर्ग में भी स्त्री की दयनीय स्थिति को प्रदर्शित करते हुए भाव की कविता है।लोग किस तरह लड़की को रीति रिवाज के तराजू पर तोलना चाहते है के प्रति आक्रोश है।