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विज्ञान और धर्म की अनुकूलता
विज्ञान और आस्था का सामंजस्य
यह पाठ्य सामग्री मुख्य रूप से विज्ञान और धर्म की अनुकूलता पर ध्यान केंद्रित करती है, यह तर्क देते हुए कि वे एक दूसरे के विरोधी न होकर पूरक हैं। लेखकों का मानना है कि विज्ञान प्राकृतिक दुनिया के कार्य-कारण और यांत्रिकी (how) की खोज करता है, जबकि धर्म जीवन के अर्थ, नैतिकता और उद्देश्य (why) के बड़े प्रश्नों का समाधान करता है। पाठ्य सामग्री उन नास्तिकों के दावों का खंडन करती है जो धर्म को संघर्ष का एकमात्र कारणमानते हैं, इसके विपरीत यह प्रमाण प्रस्तुत करती है कि आध्यात्मिक जुड़ाव लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है। पोल और सर्वेक्षण डेटा यह दर्शाते हैं कि अधिकांश धार्मिक अमेरिकी वैज्ञानिक सिद्धांतों का समर्थन करते हैं और वे जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर गैर-धार्मिक लोगों के समान विचार रखते हैं। अंततः, ये स्रोत सुझाव देते हैं कि चूँकि विज्ञान और धर्म दोनों ने ही समाज के लिए सकारात्मक और नकारात्मक योगदान दिए हैं, इसलिए मानवता की भलाई के लिए इन दोनों प्रणालियों का सह अस्तित्व आवश्यक है।
By Ramesh Kushwahaविज्ञान और धर्म की अनुकूलता
विज्ञान और आस्था का सामंजस्य
यह पाठ्य सामग्री मुख्य रूप से विज्ञान और धर्म की अनुकूलता पर ध्यान केंद्रित करती है, यह तर्क देते हुए कि वे एक दूसरे के विरोधी न होकर पूरक हैं। लेखकों का मानना है कि विज्ञान प्राकृतिक दुनिया के कार्य-कारण और यांत्रिकी (how) की खोज करता है, जबकि धर्म जीवन के अर्थ, नैतिकता और उद्देश्य (why) के बड़े प्रश्नों का समाधान करता है। पाठ्य सामग्री उन नास्तिकों के दावों का खंडन करती है जो धर्म को संघर्ष का एकमात्र कारणमानते हैं, इसके विपरीत यह प्रमाण प्रस्तुत करती है कि आध्यात्मिक जुड़ाव लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है। पोल और सर्वेक्षण डेटा यह दर्शाते हैं कि अधिकांश धार्मिक अमेरिकी वैज्ञानिक सिद्धांतों का समर्थन करते हैं और वे जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर गैर-धार्मिक लोगों के समान विचार रखते हैं। अंततः, ये स्रोत सुझाव देते हैं कि चूँकि विज्ञान और धर्म दोनों ने ही समाज के लिए सकारात्मक और नकारात्मक योगदान दिए हैं, इसलिए मानवता की भलाई के लिए इन दोनों प्रणालियों का सह अस्तित्व आवश्यक है।